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नैतिकता के बगैर भविष्य अंधकारमय : भगवान भाई

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:52 AM Comments comments (4)

नैतिकता के बगैर भविष्य अंधकारमय : भगवान भाई Matrix News भास्कर न्यूज& भिवानी

 

प्रजापति ब्रह्मïकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ब्रह्मïकुमार भगवान भाईने कहा कि जीवन में नैतिक मूल्यों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

 

वे शुक्रवार को उत्तमीबाई कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नैतिकशिक्षा जागृत अयिभान के तहत एकत्रित छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि आधुनिक के जमाने में जीवन के उद्देश्य को सार्थक बनाने केलिए मूल्यों को धारण करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भेदभाव, घृणा आदि कोखत्म करने के लिए एकता,ईमानदारी व अहिंसा जैसे मूल्यों की आवश्कता है।

 


योग

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:51 AM Comments comments (1)

याद के लिए मुख्य चार आधार है - परिचय, सम्बधन्ध, स्नेह और प्रापित. इनहीं चा आधारों के कारण मनुष्य की याद सदा बदलती ही रहती है या परिवर्तनशील होती है. एक बालक का योग अपनी माता के साथ है क्योंकि उसको केवल माँ का परिचय है. माँ से ही उसे स्नेह मिलता है, भोजन मिलता है. माँ को न देखने पर वह रोता है और माँ के उसे उठाने पर वह चुप हो जाता है. इससे सिध्द है कि उसका योग अपनी माता के साथ है. बालक थोड़ा बड़ा होने पर खेलकूद में रस लेने लगता है तब उसका योग माँ से परिवर्तित होकर अपने दोस्तों और खेल में जुट जाता है और माँ का बुलावा भी वह टालने की कोशिश करता है. विद्यार्थी जीवन में बच्चे का योग अपनी पढ़ाई, पाठशाला और शिखक से हो जाता है. व्यावहारिक जीवन में आने के बाद उसका योग - धन, सम्पत्ति, मर्तबा, इज्जत, अन्य सम्पर्क मंे आने वाले व्यक्तियों के साथ हो जाता है, विवाह होने पर कुछ समय के लिए उसका योग पत्नी के साथ हो जाता है. सन्तान होने पर पत्नी से भी योग हटकर सन्तान से हो जाता है. बीमारी के दिनों में पूरा ही योग डॉक्टर के साथ होता है. क्योंकि उससे ही इलाज होना है. इस प्रकार योग परिवर्तनशील है तो फिर देहधारियोंे से योग हटाकर परमात्मा से योग लगाना कठिन क्यों होना चाहिए, जहाँ परिचय, सम्बध, स्नेह और प्राप्ति है वहाँ योग लगाना बड़ा ही सहज है, अब ये चारों ही आधार परमात्मा से जोड़े जाएँ तो राजयोग कोई कठिन विधि नहीं है

पाप का बाप काम

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:50 AM Comments comments (0)

पाप का बाप काम, क्रोध और लोभ है, दुर्वासना इसकी बहन है। विवेक रूपी पुरुष की शांति रूपी .... क्रोध जहाँ आए वहीं घुटन पैदा करता है और सबसे पहले क्रोध करने वाले को ही हानि पहुंचाता . ... क्षमा करने वाला अगर अपने क्रोध को रोककर भी बदतमीजी करने वाले को नष्ट कर

राजयोगी सहनशक्ति

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:48 AM Comments comments (0)

कोई व्यक्ति अगर गालियाँ देता है तो भी मौ अपनी शान्ति का गुण क्यों नष्ट करुँ ? एक बच्चा किसी आम के पेड़ को पत्थर मारता है लेकिन वह पेड़ उसके जवाब में बच्चें को फल देता है, एक जड़ वस्तु में इतना गुण है तो चौतन्य में तो इससे भी ज्यादा होना चाहिए | लेकिन आज का मनुष्य र्इंट का जवाब पत्थर से देता है| राजयोगी इस सन्दर्भ रुप में सहनशील रहेगा क्योंकि वह जानता है कि दुसरा व्यक्ति अज्ञानता के कारण इस प्रकार का व्यवहार कर रहा है, परन्तु वह स्वयं तो ज्ञानवान है, अगर वह भी अज्ञानी के सदृश्य कर्म करे तो अज्ञानी और ज्ञानी में अन्तर ही क्या रहा ? वह स्वयं शान्तस्वरुप बन शान्ति का दान देगा, वौसे भी क्रोधी मनुष्य की बुध्दि में उस समय तो कोई बात बिठाई नही जा सकती है | तो राजयोगी सहनशक्ति को धारण कर उसकी बात मन में स्वीकार ही नहीं करता जो जवाब में कुछ कहना पड़े

नैतिक मूल्य बहुत जरूरी

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:47 AM Comments comments (0)

नैतिक मूल्य बहुत जरूरी Matrix News भास्कर न्यूज & बरवाला

 

जीवन में नैतिक मूल्य को धारण न करना ही जीवन में आपदाओं को निमंत्रण देनेके समान है। नैतिकता के बिना जीवन को भविष्य अंधकार में है। यह विचारनैतिक शिक्षा अभियान में पधारे हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीयविश्वविद्यालय के ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिकविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक,वैज्ञानिक, कंप्यूटर जगत में रहते हुए भी जीवन का उद्देश्य सार्थक बनानेके लिए मूल्यों को धारण करना आवश्यक है। इस तकलीफ भरे और गंदे माहौल मेंभी आप सच्ची शांति और दिव्यता का अनुभव कर पाएंगे। भेदभाव, घृणा आदि कोसमाप्त करने के लिए एकता, ईमानदारी, अंहिसा जैसे मूल्यों की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि तर्क, शक्ति और समीक्षा का प्रयोग साहित्य, भाषा, सामाजिकज्ञान, दर्शन शास्त्र आदि के लिए करना जरूरी है, ताकि विपरीत चुनौतियों कासहज ही सामना कर सकें।


नैतिक शिक्षा से ही सर्वागीण विकास

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:45 AM Comments comments (0)

नैतिक शिक्षा से ही सर्वागीण विकास

 रतलाम। बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिकशिक्षा की भी आवश्यकता है। नैतिक शिक्षा से ही सर्वागीण विकास संभव है।उक्त उद्गार प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू सेआए ब्रह्माकुमार भगवानभाई ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मेंप्रशिक्षणार्थी को मूल्य शिक्षा के महत्व विषय पर कहे।उन्होंने कहा भौतिक शिक्षा से भौतिकता प्राप्त होती है परंतु चरित्र बनानेके लिए नैतिक शिक्षा जरूरी है। शिक्षा लेने के बाद कोई भी अंधेरे में न रहजाए वही सच्ची शिक्षा है। उन्होंने कहा शिक्षा ऎसा बीज है जिससे जीवनफलदार वृक्ष बन जाता है। सद्गुण ही मानव जीवन की शोभा हैं। इनसे हीव्यक्ति महान बनता है, जिसमें सद्गुण नहीं वह कंगाल है।

चरित्रवान ही है देश की सच्ची संपत्ति

यदि चरित्रवान बनना है तो व्यसन, फैशन, संगदोष और सिनेमा-टीवी से दूर रहनाहोगा। फैशन की अंधी दौड़ में आज की पीढ़ी प्रगति पथ से दूर होती जा रहीहै। चरित्रवान बालक ही देश की सच्ची सम्पत्ति है। अत: सिर्फ चरित्रनिर्माण में ही स्वयं को जोड़े तभी हम सच्चे राष्ट्र निर्माण की कल्पना कोसाकार कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय सेवा केंद्र कीब्रह्मकुमारी सरला बहन ने प्रजापिता ब्रह्मकुमारी विद्यालय का परिचय दिया।


नैतिकता से व्यक्तित्व का विकास संभव है

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:43 AM Comments comments (0)

 

मनुष्य के द्वारा आध्यात्मिकता को नजरअंदाज किए जाने का ही परिणाम ही है

कि आज समाज में नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है।

 

नैतिकता से व्यक्तित्व का विकास संभव है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी

ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई

अखिल भारतीय शैक्षणिक अभियान में फूलचंद अग्रवाल महाविद्यालय में नैतिक

शिक्षा पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे। देश व प्रदेशों में अनेक

शैक्षणिक संस्था समर्पित भाव से काम करने के बावजूद आज समाज की यह स्थिति

बनती जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि स्कूल से ही समाज के हर क्षेत्र में व्यक्ति जाता है अगर

समाज के हर क्षेत्र को सुधारना है तो वर्तमान के छात्र-छात्राओं को नैतिक

शिक्षा देने की आवश्कता है। आज बच्चा कल का भावी समाज है। उन्होंने कहा

कि सद्गुणों की शिक्षा से ही सदव्यवहार में बदलाव लाया गया जा सकता है।

अवगुणों के कारण मानव, मानव में आसूरी प्रवृत्ति पनपती है। नैतिक शिक्षा

से ही छात्र-छात्राओं में सशक्तिकरण आ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि

नैतिकता के बिना जीवन अंधकार में हैं। नैतिक मूल्यों की कमी के कारण

अज्ञानता, सामाजिक, कुरीतियां व्यसन, नशा, व्यभिचार आदि के कारण समाज पतन

की ओर जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक नैतिक मूल्यों से समाज को जागृत

नहीं करते तब तक समाज में फैला हुआ अज्ञानता का अंधकार नहीं मिट सकता।

 

वर्तमान परिवेश में सहनशीलता, नम्रता, मधुरता, गंभीरता, ईमादारी,

धैर्यता, शांति आदि सद्गुणों की समाज के हर व्यक्ति को बहुत जरूरी है। इन

सद्गुणों के आचरण से ही मानव मन में फैले हुए अनेक दुर्गुणों का नाश हो

सकता है। आध्यात्मिकता ही नैतिक मूल्यों का स्रोत है। स्वयं को जानना

कर्मगति को जानना, सृष्टि के हर प्राणाी मात्र से दया करना, आपस में

भाईचारे से रहना ही अध्यात्मिकता है।

 

 

 

उन्होंने बताया कि नैतिक पतन विनाश की ओर की ओर ले जाता है। इसीलिए

मूल्यों की रक्षा करना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य है। स्थानीय

ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र की बीके पुष्पा ने इस अवसर पर कहा कि राजयोग

के द्वारा ही हम अपनी इंद्रियों पर संयम कर जीवन के मूल्यों को धारण कर

सकते हैं। यहां अध्यक्ष मनमोहन अग्रवाल भी उपस्थित थे।

 

भीलवाड़ा से आई बीके इंद्रा बहन ने राजयोग


नैतिक शिक्षा भी जरूरी है

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 7, 2010 at 10:40 AM Comments comments (0)

न्यूज & राजिम

 

सुखी जीवन के लिए भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी जरूरी है। भौतिक

शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल

में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते।

 

उक्त उद्गार नैतिक मूल्य जागृति अभियान में आए प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी

ईश्वरीय विवि के माउंट आबू के ब्रम्हाकुमार भगवान भाई ने व्य?त किए। अखिल

भारतीय शैक्षक्षिक अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला और

सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रा-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा

कि नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व में निखार, व्यवहार में सुधार आता है।

नैतिक मूल्यों का ह्रास व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय समस्या का मूल

कारण है। समाज सुधार के लिए नैतिक मूल्य जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा से, आंतरिक सशक्तीकरण से इच्छाओं

को कम कर भौतिकवाद की आंधी से बचा जा सकता है। व्यक्ति का आचरण उसकी

जुबान से ज्यादा तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंख से देखते हैं। उसी की नकल

करते हैं।

 

हमारे जीवन में श्रेष्ठ मू््ल्य है तो दूसरे उससे प्रमाणित होते हैं।

जीवन में नैतिक मूल्य होंगे तो आदमी लालच, हिंसा, झूठ, कपट का विरोध

करेगा और समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा नैतिकता से मनोबल कम होता

है। मूल्यों की शिक्षा से ही हम जीवन में विपरीत परिस्थिति का सामना कर

सकते हैं। जब तक हम अपने जीवन में मूल्यों और प्राथमिकता का निर्धारण

नहीं करेंगे, अपने लिए आचार संहिता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौतियों का

मुकाबला नहीं कर सकते। चरित्र उत्थान और आंतरिक शक्तियों के विकास के लिए

आचार संहिता जरूरी है। उन्होंनेे अंत में नैतिक मूल्यों का स्रोत

आध्यमित्कता को बताया। जब तक आध्यात्मिकता को नहीं अपनाएंगे जीवन में

मूल्यों की धारणा संभव नहीं है।

 

ब्रम्हाकुमारी हेमा ने कहा कि समाज में स्वयं को सुखीन सशक्त बनाने के

लिए नैतिक शिक्षा बहुत जरूरी है। ब्रम्हाकुमारी पुष्पा ने कहा कि

छात्राएं समाज की धरोहर है। उन्हें खुद को शक्तिशाली बनाने आध्यात्मिकता

को अपनाने को कहा। भारत में एक समय नैतिक मूल्य थे इसलिए लोग उन्हें देवी

की तरह पूजते थे। अंत में आभार प्रदर्शन विवेक शर्मा, जगन्नाथ साहू ने

किया।


BK BHAGWAN BHAI UTUB VDO LIKS

Posted by BK BHAGWAN BHAI BRAHMAKUMARIS SHANTIVAN ABU ROAD on November 5, 2010 at 10:05 PM Comments comments (0)

http://www.youtube.com/watch?v=MtyMybQ78H8

http://www.youtube.com/watch?v=eRp5fiHStpc

http://www.youtube.com/watch?v=X9vidG5M8cQ

http://www.youtube.com/watch?v=k4QnrN5v0L4

http://www.youtube.com/watch?v=9ZOjurnRyL4

http://www.youtube.com/watch?v=ApRSd9nOiK8

http://www.indiashines.com/brahakumaris-video-14857-bk-bhagwan-brahmakumari-mount-abu-medatation-classhttp://www.youtube.com/watch?v=O4pDT7cjg20

http://www.youtube.com/watch?v=qoayYi20pjwhttp://www.youtube.com/watch?v=ne46xVA9bhAhttp://www.indiashines.com/brahakumaris-video-14832-bk-bhagwan-bhai-school-jail-sewa-mount-abu

http://www.indiashines.com/brahakumaris-video-14831-bk-bhagwan-bhai-school-jail-sewa-mount-abuhttp://www.youtube.com/watch?v=Dy3ZKYtYJ7o

http://www.youtube.com/watch?v=Mnf7vuAAMaw

http://www.youtube.com/watch?v=_Rdh5c0OzBghttp://www.youtube.com/watch?v=OpuacUYmhWM

http://www.youtube.com/watch?v=Dm3bVnonuYE

http://www.youtube.com/watch?v=zqzPeDC01ZA

http://www.youtube.com/watch?v=uHweOucwPTQ

http://www.youtube.com/watch?v=IYv72cEvvRQ

http://www.youtube.com/watch?v=aXFqXR6n9A

http://www.youtube.com/watch?v=JPvA2Q-NWBw

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http://www.youtube.com/watch?v=aX1y49CDCs4

http://www.youtube.com/watch?v=p7ZpQ45EMdw

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http://www.youtube.com/watch?v=oW7Ll29SP

http://www.youtube.com/watch?v=y6LTEK83YkM

http://www.youtube.com/watch?v=m0er8AzZyo8

http://www.youtube.com/watch?v=L9Ka0lbSjck

http://www.youtube.com/watch?v=Xs8OIFTjrzI

http://www.youtube.com/watch?v=Efud42cBJUW

http://www.youtube.com/watch?v=0yUCaylc2V8

http://www.youtube.com/watch?v=_DqGtd40trc

http://www.youtube.com/watch?v=vs0aZpp_ubw

http://www.youtube.com/watch?v=zGdi8oC-RzM

 

 

B. K. BHAGWAN, SHANTIVAN, +919414534517, +919414008991



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